Blog
श्रृंगार 2022-2023

हिंदू नववर्ष चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से मनाया जाता है। इसे नवसंवत्सर भी कहते हैं। हिन्दू मान्यता के अनुसार चैत्र के महीने के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि (प्रतिपद या प्रतिपदा) को सृष्टि का आरंभ हुआ था। हिन्दू ग्रंथो में दिया गया है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था। जिस दिन सृष्टि का चक्र प्रथम बार विधाता ने प्रवर्तित किया उस दिन चैत्र शुदी 1 रविवार था। हिन्दी महीने का आरम्भ इसी दिन से होती है। इसी दिन से माँ दुर्गा के चैत्र मॉस के नवरात्रो का भी शुभारम्भ होता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि के नवे दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। आर्यसमाज की स्थापना भी इसी दिन हुई थी। चैत्र मास का वैदिक नाम है-मधु मास भी है। चैत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के दिन सूर्योदय के समय जो वार होता है वह ही वर्ष में संवत्सर का राजा कहा जाता है। महाराज विक्रमादित्य जी ने नवसंवत इसी दिन शुरू किया और तभी से यह विक्रमी संवत कहलाता है।

-->