झण्डेवाली देवी मंदिर सदियों से दिल्ली की धार्मिक आत्मा का केंद्र रही है। यहाँ की पवित्र भूमि पर अनेक पीढ़ियों ने देवी की उपासना की है।
झण्डेवाली देवी मंदिर की स्थापना सैकड़ों वर्ष पूर्व हुई। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यहाँ दुर्गा स्वयं प्रकट हुई थीं और इस स्थान को पवित्र किया था। झण्डे (ध्वज) की उपस्थिति के कारण इस देवी को झण्डेवाली देवी के नाम से जाना गया।
1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान यह मंदिर दिल्ली की जनता की आस्था का केंद्र बना रहा। कठिन समय में भी श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना अनवरत जारी रही।
भारत की स्वतंत्रता के पश्चात मंदिर का विस्तार और जीर्णोद्धार किया गया। एक समर्पित न्यास समिति की स्थापना के साथ मंदिर का व्यवस्थित प्रबंधन आरंभ हुआ।
आज के डिजिटल युग में मंदिर ने तकनीक को अपनाते हुए YouTube एवम Facebook पर लाइव दर्शन की सुविधा प्रदान की है। लाखों भक्त घर बैठे देवी के दर्शन कर सकते हैं।